Close Menu
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राशिफल
  • अन्य
What's Hot

Shubman Gill ICC Player of the Month Award 2026: शुभमन गिल और शेफाली वर्मा का जलवा, सितंबर 2026 के ICC अवॉर्ड्स पर भारतीय खिलाड़ियों का कब्जा

October 13, 2026

Rakhi Sawant On Mr Faisu Wedding: मिस्टर फैसू की शादी पर राखी सावंत का तंज, बोलीं- जन्नत को दूसरा फैसू मिल जाएगा

October 13, 2026

Chhattisgarh News: जगदलपुर में शिक्षक की मांग को लेकर दिव्यांग बच्चों का प्रदर्शन, प्रशासन से लगाई गुहार

October 13, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
CG Vistaar NewsCG Vistaar News
Sunday, October 18
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राशिफल
  • अन्य
CG Vistaar NewsCG Vistaar News
Home»राशिफल

Pitru Paksha 2026: पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए क्यों जरूरी माना जाता है श्राद्ध?

cgvistaarnewsBy cgvistaarnewsOctober 4, 2026Updated:October 13, 2026 राशिफल No Comments4 Mins Read
Share
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

Pitru Paksha 2026: सनातन परंपरा में पूर्वजों का विशेष स्थान माना गया है। मान्यता है कि आज व्यक्ति जिस भी मुकाम पर पहुंचा है, उसमें उसके माता-पिता और पूर्वजों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। यही वजह है कि शुभ कार्यों से पहले पूर्वजों और माता-पिता का आशीर्वाद लेने की परंपरा रही है। हिंदू धर्म में पितरों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए पितृपक्ष को विशेष महत्व दिया जाता है।

मान्यताओं के अनुसार पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों का विधिपूर्वक श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में यह भी कहा गया है कि पितरों के प्रति श्रद्धा रखने और उनके निमित्त पुण्य कर्म करने से परिवार में सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की जाती है।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का एक वर्ष : 850 गांवों में पहली बार पहुंची नियमित बस सेवा.

पितृपक्ष क्या है?

पितृपक्ष हिंदू कैलेंडर के आश्विन मास के कृष्ण पक्ष को कहा जाता है। यह अवधि अपने दिवंगत पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए समर्पित मानी जाती है।

‘पितर’ से आशय उन पूर्वजों से है जो इस संसार से विदा हो चुके हैं, जैसे माता-पिता, दादा-दादी और परिवार के अन्य दिवंगत सदस्य। इस दौरान वंशज अपने पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान और अन्य धार्मिक कर्म करते हैं।

श्राद्ध करने का क्या है धार्मिक महत्व?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृगण श्राद्ध कर्म से संतुष्ट होकर अपने वंशजों को दीर्घायु, सुख, धन-समृद्धि और कल्याण का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। यह भी मान्यता है कि पितरों के निमित्त श्रद्धापूर्वक किए गए कर्म व्यक्ति को आध्यात्मिक लाभ प्रदान करते हैं।

ब्रह्म पुराण में भी श्राद्ध कर्म को महत्वपूर्ण बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितरों का श्राद्ध न करने से वे अतृप्त रह सकते हैं और परिवार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि इन मान्यताओं को धार्मिक आस्था और परंपरा के संदर्भ में ही देखा जाता है।

पिंडदान और ब्राह्मण भोजन की परंपरा

पितृपक्ष में पिंडदान और ब्राह्मण भोजन की भी परंपरा है। मान्यता है कि विधिपूर्वक किए गए श्राद्ध कर्म में मंत्रोच्चार और धार्मिक विधियों के माध्यम से पितरों का स्मरण किया जाता है।

पूर्वज की मृत्यु जिस तिथि को हुई हो, उसी तिथि को पितृपक्ष में श्राद्ध करने की परंपरा है। इसे उनकी आत्मा की शांति और उनके प्रति श्रद्धा अर्पित करने का माध्यम माना जाता है।

पितरों को क्यों दिया जाता है जल?

पितृपक्ष के दौरान तर्पण की परंपरा विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसमें वंशज अपने पितरों का स्मरण करते हुए उन्हें जल अर्पित करते हैं। धार्मिक दृष्टि से यह पूर्वजों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और अपने दायित्व को व्यक्त करने का प्रतीक माना जाता है।

मान्यता है कि पितृपक्ष में किए गए तर्पण और श्राद्ध से पितरों को संतुष्टि प्राप्त होती है तथा परिवार के सदस्यों को उनका आशीर्वाद मिलता है।

पितृ ऋण चुकाने का माना जाता है अवसर

सनातन परंपरा में मनुष्य पर देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण का उल्लेख मिलता है। पितृपक्ष को पितृ ऋण के प्रति अपने कर्तव्य को निभाने का अवसर माना जाता है।

वंशज इस दौरान अपने पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद करते हैं और उनके नाम से दान-पुण्य तथा धार्मिक कर्म करते हैं। इस परंपरा का मूल भाव अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान और उनके योगदान के लिए कृतज्ञता व्यक्त करना है।

यमराज से जुड़ी है यह धार्मिक मान्यता

पितृपक्ष को लेकर धार्मिक मान्यता है कि आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में यमराज पितरों को अपने लोक से उनके परिजनों के पास जाने की अनुमति देते हैं। इस दौरान पितर अपने वंशजों द्वारा किए गए श्राद्ध और तर्पण को ग्रहण करने के लिए आते हैं, ऐसी धार्मिक आस्था है।

मान्यता यह भी है कि जो लोग पितरों का विधिपूर्वक श्राद्ध नहीं करते, उनके पितर अतृप्त रह सकते हैं। इसी कारण पितृपक्ष में श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान को विशेष महत्व दिया जाता है।

पितृपक्ष का मूल संदेश क्या है?

पितृपक्ष केवल धार्मिक कर्मकांड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूर्वजों के प्रति सम्मान, स्मरण और कृतज्ञता व्यक्त करने की परंपरा भी है। यह पर्व नई पीढ़ी को अपने परिवार की जड़ों और पूर्वजों के योगदान से जोड़ने का अवसर देता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितरों के निमित्त श्रद्धापूर्वक किए गए कर्म परिवार की सुख-शांति और कल्याण के लिए शुभ माने जाते हैं।

Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
cgvistaarnews
  • Website

Keep Reading

आज का Horoscope 13 अक्टूबर 2026: जानें सभी 12 राशियों का भविष्य

12 October 2026 Horoscope : ऐसा रहेगा आज राशियों का हाल और ग्रहों की चाल, जानिए अपना राशिफल

10 October 2026 Horoscope : ऐसा रहेगा आज राशियों का हाल और ग्रहों की चाल, जानिए अपना राशिफल

09 October 2026 Horoscope : ऐसा रहेगा आज राशियों का हाल और ग्रहों की चाल, जानिए अपना राशिफल

Chanakya Niti Life Lessons: 30 से पहले चाणक्य की ये 9 बातें समझ लीं तो आसान हो जाएगी जिंदगी

8 अक्टूबर 2026 का Horoscope : जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का आज का भविष्यफल

Editors Picks

आज का Horoscope 13 अक्टूबर 2026: जानें सभी 12 राशियों का भविष्य

October 12, 2026

12 October 2026 Horoscope : ऐसा रहेगा आज राशियों का हाल और ग्रहों की चाल, जानिए अपना राशिफल

October 12, 2026

10 October 2026 Horoscope : ऐसा रहेगा आज राशियों का हाल और ग्रहों की चाल, जानिए अपना राशिफल

October 10, 2026

09 October 2026 Horoscope : ऐसा रहेगा आज राशियों का हाल और ग्रहों की चाल, जानिए अपना राशिफल

October 9, 2026
Latest Posts

Shubman Gill ICC Player of the Month Award 2026: शुभमन गिल और शेफाली वर्मा का जलवा, सितंबर 2026 के ICC अवॉर्ड्स पर भारतीय खिलाड़ियों का कब्जा

October 13, 2026

Rakhi Sawant On Mr Faisu Wedding: मिस्टर फैसू की शादी पर राखी सावंत का तंज, बोलीं- जन्नत को दूसरा फैसू मिल जाएगा

October 13, 2026

Chhattisgarh News: जगदलपुर में शिक्षक की मांग को लेकर दिव्यांग बच्चों का प्रदर्शन, प्रशासन से लगाई गुहार

October 13, 2026
Follow For More
  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram
  • YouTube
  • WhatsApp
Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

News

  • World
  • US Politics
  • EU Politics
  • Business
  • Opinions
  • Connections
  • Science

Company

  • Information
  • Advertising
  • Classified Ads
  • Contact Info
  • Do Not Sell Data
  • GDPR Policy
  • Media Kits

Services

  • Subscriptions
  • Customer Support
  • Bulk Packages
  • Newsletters
  • Sponsored News
  • Work With Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
  • Privacy Policy
  • Terms
  • Accessibility

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.